Sunday, December 8, 2013

On the Occasion of Multai Shaheed Kisan Smriti Divas 12 Jan. 2014 Lokavidya Jan Andolan Conference 10-12 Jan. 2014 in Multai, (Betul, M.P.)

This is the invitation cum announcement of the Lokavidya Jan Andolan (LJA) Conference scheduled between 10-12 January 2014 in Multai in the district of Betul in Madhya Pradesh. The plan is to discuss the organizational question and the significance of LJA for the politics of change. We may do this by focusing the discussion on the question of coordination between peasant and adivasi struggles all over the country and their relationship with the struggles of small retailers, women and the artisans and service providers, generally those said to belong to the unorganized sector. 

Dr. Sunilam, the leader of Kisan Sangharsh Samiti there has invited us to hold this conference in Multai on the occasion of the Martyr's Day, 12th January, on which in 1998 a farmers' gathering demanding relief and compensation for crop failure continuously for three years, was fired upon by police killing 24 farmers and injuring 150. Further, a large number of farmers and their leaders have been booked in a variety of cases. This unparalleled event has resulted in farmers and social activists collecting in Multai every year on 12th January to pay homage to martyrs and to deliberate over the future of people's movements. Dr. Sunilam, Prahlad and Sheshrao have been sentenced for life-imprisonment in October 2012 and are presently on bail.

We have been reporting LJA activities on this blog. This knowledge movement of the people has come up with new ideas and practices to develop a lokavidya focused dialogue in the world of knowledge which may have serious bearing on a new political imagination. Organizational and constructive initiatives have been taken in the names of lokavidya samvad, lokavidya samanvay samooh, lokavidya mel-milap, lokavidya ashram, lokavidya panchayat, lokavidya prapancham, lokavidya sadhikar sanghatna, lokavidya bhaichara vidyalaya, lokavidya satsang and lokavidya tana-bana. 

Since the founding conference of LJA in Varanasi in November 2011, regional conferences have been held in Darbhanga, Vijaywada, Singrauli and Indore. Two large gatherings of LJA activists have taken place, one in Sewagram in March 2012 and another in Mumbai in February 2013. This time the attempt is to mobilize LJA activists and others associated with the struggles of farmers, adivasis and generally the unorganized sector from Madhya Pradesh, Uttar Pradesh, Bihar, Maharashtra and Andhra Pradesh. There will also be participation from other places. 


10 Jan. 2014
Lokavidya Satsang in the afternoon and a meeting in the evening to plan the next two days. It will also deliberate on the Multai Delaration. 

11 Jan. 2014 :              
10.00 am to 3.00 pm 
  1. Inauguration : Farmers' Struggles and the Imagination of a New World
  2. Knowledge ( Lokavidya ) Perspectives on People's Struggles : Coordination among struggles at various places
  3. The philosophy of lokavidya and the politics of change
  4. Multai Declaration : Open discussion and consensus
3.30 pm onwards
  1. South Asia Social Forum (SASF) Preparatory Meeting. The SASF is planned between 1-5 March 2014 in Lucknow. 
12 Jan. 2014
Rally to pay homage to the peasant-martyrs of Multai. Reading out the Multai Declaration.

This blog shall keep debating the program and the ideas towards the preparation of this conference. This is to invite you to write, please do. 

Dr. Sunilam and several of his co-workers have extended a general invitation on behalf of Kisan Sangharsh Samiti (KSS) for participation in this program. The Hindi post done yesterday gives their letter of invitation. KSS shall take care of the lodging and boarding of the participants. Participants may kindly arrange for their own travel. Betul and Multai are on Itarsi-Nagpur train route. Multai is about 60 km from Betul and about 125 km from Nagpur.  
Please inform one of the following persons about your arrival and departure schedule.  
Dr. Sunilam - 09425109770    Jagdeesh Dodke  - 09179124860

Although KSS takes the responsibility of local hospitality, it is anyway done based on voluntary contributions only. So, we make an appeal to all those participants who can make a contribution to please come prepared to contribute. 

[ This is a free rendering into English of the Hindi post done on this blog yesterday.]

Vidya Ashram

Saturday, December 7, 2013

मुलताई (बैतूल,म.प्र.) में शहीद किसान स्मृति सम्मलेन व लोकविद्या जन आंदोलन समागम 10 - 12 जनवरी 2014

लोकविद्या जन आंदोलन (लो.ज.आ.) का एक राष्ट्रीय समागम 11 जनवरी 2014 को मुलताई (मध्य प्रदेश ) में होने जा रहा है। मुलताई में किसान संघर्ष समिति के नेता डा. सुनीलम ने हमें वहाँ लोकविद्या जन आंदोलन के कार्यक्रम करने का यह न्यौता दिया है। किसान संघर्ष समिति द्वारा जारी किया गया निमंत्रण और लो.ज.आ. के इस समागम के लिए विद्या आश्रम द्वारा तैयार कार्यक्रम नीचे दिया जा रहा है। कार्यक्रम के लिये अपने सुझाव लिखें तथा मुलताई आने का कार्यक्रम बनाएं, 10  जनवरी तक आ जाएं। 

लोकविद्या जन आंदोलन के अंतर्गत विकसित हो रहे  विचारों और कार्यक्रमों की रपटें इस ब्लॉग पर छपती रही हैं। इस ज्ञान आंदोलन के तहत लोकविद्या समन्वय समूह, लोकविद्या मेल-मिलाप, लोकविद्या सत्संग, लोकविद्या ताना-बाना, लोकविद्या भाईचारा विद्यालय, लोकविद्या प्रपञ्चम, लोकविद्या साधिकार संघटना और लोकविद्या आश्रम के नाम से विचार और कार्यक्रम बनते गए हैं।  अबकी बार मुलताई में परिवर्तन की राजनीति के लिए लो.ज.आ. के महत्व और संगठन के सवाल पर चर्चा शुरू करने का प्रयास रहेगा।  

नवम्बर 2011 के लो.ज.आ. के प्रथम अधिवेशन के बाद दरभंगा (मार्च-अप्रैल 2012), विजयवाड़ा (मई 2012), सिंगरौली (सितम्बर 2012) और इंदौर (जनवरी 2013) में क्षेत्रीय सम्मलेन हो चुके हैं।  मार्च 2012 में सेवाग्राम में और फरवरी 2013 में मुम्बई में संयोजन समिति व सलाहकार समिति की संयुक्त बैठकें हो चुकी हैं। इन बैठकों में इन समितियों के सदस्यों के अलावा और सक्रिय जन भी शामिल होते रहे हैं।  इस बार भी ऐसी ही योजना है। प्रयास यह किया जा रहा है कि मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश से लोकविद्या कार्यों से जुड़े तथा  लोकविद्याधर समाज के संघर्षों से जुड़े कार्यकर्ता लो.ज.आ. के इस मुलताई समागम में शामिल हों।  


10 जनवरी 2014  
लोकविद्या सत्संग और शाम को अगले दो दिन की तैयारी बैठक। इसी में मुलताई घोषणापत्र पर विचार किया जायेगा। लोकविद्या सत्संग की टोलियां इंदौर और वाराणसी से रास्ते में सत्संग करते हुए मुलताई पहुंचेंगी। 
11  जनवरी 2014 
सुबह 10 बजे से 5 घंटे का कार्यक्रम।
  1. उद्घाटन : किसान संघर्ष और नई दुनिया का विचार - मुलताई का अमर किसान संघर्ष
  2. विभिन्न स्थानों के लोकविद्याधर समाज के संघर्षों के बीच समन्वय - जन संघर्षों पर ज्ञान (लोकविद्या ) का नज़रिया 
  3. लोकविद्या दर्शन और परिवर्तन की राजनीति 
  4. मुलताई घोषणापत्र  - खुली चर्चा व सर्वानुमति 
12 जनवरी 2014 
मुलताई में शहीद किसानों को श्रद्धांजलि की आमसभा - मुलताई घोषणापत्र का ऐलान 

इस ब्लॉग पर कार्यक्रम की वैचारिक और सांगठनिक चर्चा जारी रहेगी। हम भी लिखेंगे, आप भी लिखिए। 

चित्रा सहस्रबुद्धे 

किसान संघर्ष समिति, मुलताई, बैतूल (म.प्र.) का निमंत्रण 

प्रिय साथी ,                                                                                                  मुलताई 
ज़िंदाबाद !                                                                                               29 -11 -2013 

हम आपको यह आमंत्रण पत्र 15 वें शहीद किसान स्मृति सम्मलेन के श्रद्धांजली कार्यक्रम को लेकर भेज रहे हैं।  आप जानते ही हैं कि इस कार्यक्रम का विशेष महत्व है क्योंकि यहाँ के किसानों ने संघर्ष-प्रतिरोध की मिसाल कायम करते हुए बड़ी क़ुरबानी दी है।  यहाँ 12 जनवरी 1998 को कांग्रेस सरकार द्वारा किये गए पोलिस गोली चालन में 24 किसान शहीद हुए थे तथा 150  को गोली लगी थी। हर वर्ष किसान संघर्ष समिति द्वारा शहीद किसान स्मृति सम्मलेन आयोजित किया जाता है।  जिसमें देश भर के जन संगठन स्थानीय किसानों के साथ मिलकर शहीदों को श्रद्धांजलि देते हैं तथा मुलताई घोषणापत्र  जारी करते हैं।  12 जनवरी 2014 को जारी होने वाले मुलताई घोषणापत्र-15 में कौन से मुद्दे शामिल किये जाने चाहिए इस सम्बन्ध में हमें अपनी राय से अवगत कराने का कष्ट करें। 
11 जनवरी को मुलताई में सुबह से दोपहर तक लोकविद्या जन आंदोलन की राष्ट्रीय स्तर की बैठक विद्या आश्रम वाराणसी द्वारा आयोजित की जा रही है। दोपहर  3 बजे से दक्षिण एशिया सोशल फोरम की बैठक आयोजित की जायेगी। कृपया एक दिन पहले पहुँचने का कार्यक्रम बनाएं ताकि 11 जनवरी के कार्यक्रमों में भी आप भागीदारी कर सकें।  
कृपया स्मरण करें कि पिछले वर्ष के कार्यक्रम में डा. सुनीलम शामिल नहीं हो सके थे क्योंकि इन्हें तीन साथियों के साथ पोलिस गोली चालन के बाद उन पर 250 किसानों के साथ दर्ज किये गए 66 मुकदमों में से तीन मुकदमों में 52  वर्ष कि सजा सुनाई गयी थी और इस कारण वे जेल में थे। इस बार वे स्वयं आपके स्वागत के लिए उपस्थित रहेंगे।  
मुलताई कब पहुंचेंगे और कब लौटेंगे इसकी सूचना जगदीश दोडके  ( 09179124860 )  अथवा   डा. सुनीलम ( 09425109770 ) को देने का कष्ट करें।  मुलताई पहुँचने पर आपके भोजन और  ठहरने कि व्यवस्था हमारे द्वारा की जायेगी।  कृपया यात्रा व्यय की व्यवस्था स्वयं करने का कष्ट करें।  यह उल्लेख करना आवश्यक है कि जनवरी में यहाँ काफी सर्दी होती है।  
मुलताई नागपुर-इटारसी रेल मार्ग पर है जिस पर बैतूल भी है।  यह बैतूल से लगभग 60 कि. मी. तथा नागपुर से 125 कि. मी. दूर है।  

क्रान्तिकारी अभिवादन सहित 
आपके साथी 

टंटी चौधरी , जगदीश दोडके, लक्ष्मण बोरबन, संतोष राव वारस्कर , कृष्णा ठाकरे, सुमन बाई कसारे, कुलदीप पहाड़े (09691737897 ), लक्ष्मण विंझाड़े ( 08962276675 ), हरिओम विश्वकर्मा , कयूम खान, नान्ही बाई, सीताराम नरवरे, प्रेमचंद मालवीय, कैलाश डोगरदिये, गुलाब देशमुख। 

विद्या आश्रम